Aranay Rodan

By: (Author)

125.00

  • Language ‏ : ‎ Hindi
  • Print length ‏ : ‎ 88 pages
  • ISBN-10 ‏ : ‎ 9381619204
  • ISBN-13 ‏ : ‎ 978-9381619209
  • Item Weight ‏ : ‎ 100 g
  • Country of Origin ‏ : ‎ India

आजादी के बाद भ्रष्ट व्यवस्था ने इस देश में राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक दिवालियेपन की जो विकलांग स्थिति पैदा की उसी की प्रतिक्रिया है सुवास दीपक का यह उपन्यास ‘अरण्य रोदन’। भ्रष्ट राजनीति अपनी कुर्सी सुरक्षित रखने के लिए कैसे घिनौने हथकण्डे अपनाती है और बेईमान अफसरों और राजनेताओं के संसर्ग से उत्पन्न चमचावाद किस तरह पूरे तन्त्र पर हावी होता जा रहा है यह लेखक ने देश के भावी नागरिकों का निर्माण करने वाली संस्था और उसके कर्णधार शिक्षकों के कार्य-कलापों द्वारा अपनी विशिष्ट भाषा और शैली में पाठकों को बताने का दुस्साहस किया है। अपने-आपको सबसे अधिक शोषित-पीडित बताने वाला शिक्षिक वर्ग किस तरह देश की भावी पीढ़ी का निर्माण कर रहा है इसकी सही तस्वीर इस उपन्यास में देखने को मिलती है।

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