यह किताब एक दशक के दौरान लिखे गए संस्मरणों का दस्तावेज़़ हैं जिसमें परिवार हैं, कुछ मित्र हैं और पत्रकार साथी भी। लेकिन मुख्यतः यह छत्तीसगढ़ की पत्राकारिता पर केन्द्रित है। प्रदीर्घ अनुभव का सीधा-सादा, बेतरतीब-सा चित्र है यह। बेतरतीब इसलिए क्योंकि सिलसिलेवार नहीं है। आगे-पीछे है। जब मन हुआ तब लिखा। और छोड़ दिया। समय बीतता गया। इस वजह से विचारों व अनुभवों के बीच तालमेल भी बनता-बिगड़ता रहा। लिहाजा यह पत्रकारीय यात्रा का क्रमबद्ध विवरण नहीं है। करीब दस वर्ष पूर्व पहला ड्राफ्ट तैयार हुआ था जो 2021-22 के आते-आते काफ़ी कुछ बदल गया।
Ek Safar Mukammal
By: Diwakar Muktibodh (Author)
₹400.00
- Language : Hindi
- Print length : 239 pages
- ISBN-10 : 9381619220
- ISBN-13 : 978-9381619223






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