एक आलोचक के रूप में गिरधर राठी ने साहित्य और कलाओं का एक पूरा वितान हिसाब में लिया है जिसमें साहित्य, भाषा, चित्राकला, नाटक और सिनेमा शामिल है। इनमें से हरेक पर सोच-विचार करते हुए वे व्यापक सन्दर्भ का भी ख़याल रखते हैं और ऐसी संवेदनशीलता से सक्रिय होते हैं जो कवि के लिए तो स्वाभाविक है पर अन्यथा आलोचक में कम ही नज़र आती है। ऐसी सोच-विचार करती और फ़ैसला देने में जल्दबाज़ी न करती, समझ और संवेदना का आग्रह करती आलोचना की पुस्तक रज़ा पुस्तक माला में हम प्रसन्नतापूर्वक प्रस्तुत कर रहे हैं। — अशोक वाजपेयी
Soch-Vichar
By: Girdhar Rathi (Author)
₹275.00
- Language : Hindi
- Print length : 274 pages
- ISBN-10 : 9381619549
- ISBN-13 : 978-9381619544




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