आइसबर्ग

By: (Author)

495.00

  • ISBN-10 ‏ : ‎ 9381619468
  • ISBN-13 ‏ : ‎ 978-9381619469
  • Item Weight ‏ : ‎ 490 g

सुप्रसिद्ध कथाकार लक्ष्मीधर मालवीय की चुनिंदा कहानियों का प्रतिनिधि संग्रह है µ आइसबर्ग। भारतीय और जापानी परिवेश में रची-बसी इन कहानियों की विषयवस्तु और शिल्पगत संरचना लेखक के व्यापक, गहन और अनुभूतिजन्य निजी अनुभव संसार की समृद्धि का परिचायक है। ‘चैथा शेर’, ‘चमरगिद्ध’ और ‘सुबह की सीढ़ियाँ’ समाज के तलछट में प्रतिकूल परिस्थितियों में जीते और अपनी अगम्य जिजीविषा के साथ निरंतर संघर्षरत पात्रों की गाथाएँ हैं तो ‘ढलती धूप में साया’ और ‘मातमपुरसी’ के उलझे हुए चरित्रा मानवीय संवेदना को टटोलने और सहेजने की आतुरता से कुछ अधिक तलाशने की कोशिश करती प्रतीत होती हैं। लेखन के साथ चित्राकला, छायांकन और संगीत में उनकी गहरी दिलचस्पी रही है। मानव देह में गुंफ़ित और अंतर्निहित प्रकृति का अनंत रहस्यमय राग और प्रकृति में समाहित मानवीय संवेगों की तलाश उनके लिए अन्वेषण की ऐसी रहस्यमय प्रक्रिया रही है, जो उन्हें कभी छायांकन, कभी चटख़ पीले-लाल रंगों से, कभी अपने इर्दगिर्द उमड़ते-घुमड़ते बेतरतीब शब्दों को पकड़ने की आकुलता भरी छटपटाहट से जोड़ती रही है और इसी की सृजनात्मक परिणति हैं µ ‘आइसबर्ग’, ‘मक्रचांदनी’ और ‘दांपत्य’ जैसी कहानियाँ। एक सिद्ध छायाकार जीवन की गति को क्षणांश में बाँध लेता है। मालवीय जी ने कहानियों में यह काम अपनी समर्थ भाषा के माध्यम से किया है। भाषा की कूची से निर्मित चित्राकृतियाँ इन कहानियों को विलक्षण रूप प्रदान करती हैं …

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