दुनिया में होने वाले लाखों प्रयोगों के बाद जो दवाई मरीज को दी जाती है वो व्यक्ति के शरीर में कैंसर सेल के साथ स्वस्थ सेल को ख़त्म कर देती है। इम्यूनिटी सिस्टम को बहुत कमज़ोर कर देती है। केवल कैंसर सेल पर वार करने वाली दवाई अब तक क्यों नहीं बन पाई? लाखों महिलाएँ, पुरुष, बच्चें कैसर रोग से पीड़ित हो कर अस्पतालों की भीड़ में छटपटाते रहते हैं, मरीजों की ज़रूरत के हिसाब से अस्पताल कब बनाए जाएँगे?
हिंदुस्तान के आम जन के लिए कैंसर का मुफ़्त इलाज कब मुहैया कराया जाएगा?
हमारा संविधान कहता है स्वस्थ रहना हर नागरिक का अधिकार है। कहाँ है हमारा स्वस्थ रहने का संवैधानिक अधिकार?
अस्पताल से घर लाकर लोग हड्डियों के पिंजर के अंदर चल रही साँसों के रुकने का इंतजार करते हैं। साँसों के निकल जाने के बाद पूरा परिवार रिश्तेदार चैन की गहरी साँस लेते हैं। जो लोग अंतिम दर्शन के नाम पर मिलने आते हैं वो कयास लगाते दिखते हैं, हे राम इस आत्मा को जल्दी मुक्त कर। देखो जी अभी नहीं जाते इनके प्राण अगले दो-चार दिन तो झेलेंगे अभी, जिस मरीज नें अपने परिवार, समाज, रिश्तेदारी के लिए ख़ुद को खपाया होता है वही लोग उसकी मौत की गिनती कर रहे होते हैं।
Goonje Anhad Naad
By: Gita Gairola (Author)
₹400.00
- Language : Hindi
- Print length : 286 pages
- ISBN-10 : 9392621078
- ISBN-13 : 978-9392621079
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