Kaali Musahar Ka Bayan

By: (Author)

200.00

  • Print length ‏ : ‎ 108 pages
  • ISBN-10 ‏ : ‎ 9382673814
  • ISBN-13 ‏ : ‎ 978-9382673811
  • Item Weight ‏ : ‎ 200 g
  • Dimensions ‏ : ‎ 10 x 2 x 2.7 cm

आप कविता की नई जमीन गढ़ रहे हैं। इसकी पहुँच दूर-दूर तक जाएगी। यही आम जन की भाषा है। अपना भविष्य खुद रचेगी ।
— सुधा अरोड़ा, वरिष्ठ व चर्चित लेखिका

अच्छी कविताएँ। पहले के कुछ ज़रूरी तत्व बचाते हुए, हरे ने अपनी कहन बदली है। इस ओर एक आकाश खुला है उनके लिए। ख़ुद से बाहर आना, हर कवि के लिए ज़रूरी है, हरे अब पुरानी ज़मीन से कुछ दूर कुछ नयी ज़मीन पर खड़े हैं। मैं बहुत आशा से उनकी ओर देख रहा हूँ।
— शिरीष कुमार मौर्य , चर्चित कवि

नये ढब और कहन की ये कविताएँ हरे प्रकाश जी की पिछली कविताओं से आगे की हैं। ज़्यादा सरोकारी , ज़्यादा सहज यह जीवनानुभूति और तटस्थ स्थिति का अच्छा सहमेल है।
— आशीष सिंह, युवा आलोचक

Dimensions 10 × 2 × 2.7 cm

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