मेरी कविता मेरी यात्रा है जहाँ प्रेम के फूल भी खिलते हैं तो मुरझा कर फिर से खिल उठने के लिए। अपनी कविताओं में मैं कभी सुकून के दो पल ढूँढती हूँ, तो कभी लंबे सफ़र में कोई अल्पविराम, कभी भीषण तपिश में ठंडे झरने की फुहार और कभी कविता मरी हुई आत्मा को ढोते शरीर की वर्जनाओं की गवाही देती भी प्रतीत होती है। मेरा प्रयास है कि मैं अपनी कविता में सहज रूप से स्थापित सत्यों के पार देख सकूँ। खुद अपने लिए और अपने पाठकों के लिए वह साहस जुटा सकूँ जो हमें भीड़ के सच के सामने निरूपाय न कर सके।

Safed Chehra
₹200.00
- Print length : 108 pages
- ISBN-10 : 9382673830
- ISBN-13 : 978-9382673835
- Item Weight : 200 g
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