इस किताब में बहसें हैं मगर उनके समाधान नहीं हैं, प्रश्न हैं मगर उनके उत्तर नहीं हैं, जहाँ समाधान या उत्तर हैं, वहाँ भी उनसे असहमत होने के विकल्प और रास्ते सुझाए गए हैं। दरअसल असली बहसें वे होती हैं जो कभी ख़त्म नहीं होतीं। देश और समाज की तरह वे लगातार चलती रहने वाली प्रक्रियाएँ हैं। इस प्रक्रिया के बीच हम अपने हिस्से के प्रश्न भी पहचान सकते हैं और उनके उत्तर भी। वैसे भी असली प्रश्न वे होते हैं जिनके उत्तर दिए नहीं होते, बल्कि उन्हें खोजना पड़ता है।
Bharat Ki Ghadi
By: Priyadarshan (Author)
₹350.00
- Language : Hindi
- Print length : 224 pages
- ISBN-10 : 9392621108
- ISBN-13 : 978-9392621109
- Item Weight : 250 g
- Country of Origin : India
- Packer : Himani Book Centre






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