श्री सुदर्शन नारंग के लेखन के प्रति मेरी रुचि और सहज जिज्ञासा प्रारंभ से ही रही है। ‘कहानी’ के माध्यम से उनकी अनेक रचनाएं प्रकाश में लाने का सौभाग्य मुझे मिलता रहा है। उनके लेखन में एक ताज़गी एक नयापन और ईमानदारी सर्वत्रा मिलती है। ये बड़े गुण हैं। रचना के इन गुणों के बल पर वे काफी आगे गए हैं। उनके पास कथ्य है, भाषा का अपना निजी संस्कार भी है। उनकी रचनाएं सदैव ही आकर्षित करती हैं; कभी-कभी मुदित भी करती हैं। उनकी समग्र कहानियाँ इस संग्रह में प्रकाशित हो रही हैं। इस चयन से उनकी रचनाओं का समुचित परिचय पाठक प्राप्त कर लेगा और मुझे पूर्ण विश्वास है कि पाठकों के लिए वे मनभावन सिद्ध होंगी। मुझे व्यक्तिगत रूप से इस बात से प्रसन्नता है कि सुदर्शन के रचना-संसार में विचरण करने का अवसर मुझे पुनः मिला और अनेकानेक भूली-बिसरी स्मृतियां लहलहा उठीं। उनके रचना-संसार में आपको ले जाते हुए मुझे लेशमात्रा भी संकोच नहीं है, क्योंकि यह अनुभव निश्चय ही सुखकर होगा। – श्रीपत राय

Kaisa Ye Sahar
By: Sudarshan Narang (Author)
₹750.00
- Language : Hindi
- Print length : 336 pages
- ISBN-10 : 9381619662
- ISBN-13 : 978-9381619667
- Item Weight : 500 g
- Country of Origin : India




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